Pular para o conteúdo
Publicidade

मरकुस 5

35 जब कहत िि, तभसभा-घर अधिईर घर मनखमन आईन अऊ कहि, "मर ; अब बर तकलो।"

36 ओमन िनइवत, सभा-घर अधिकहि, "झन डर, िििसवरख"

37 ओह पतरस, अऊ हनोंअऊ अपन नइआवन 38 जब ओमन सभा-घर अधिघर आईन, िि उहां हलमचहवय अऊ मनखमन उहां चहअवबहुंवत अऊ रत रह39 ओह तर ओमन कहि, "मन बर वत अऊ हलमचवत हवव? लइकमरनइं, तत हवय" 40 पर ओमन ओकर उड़ालगि

तब ओह जमझन ििलके, अपन करई-ददअऊ अपन मन तर , िां लइकरहय41 ओह करांधरकओलकहि, "तलिी!" कर मतलब े—"करी, ेंकहत , उठ" 42 अऊ कररतउठकचले-िलगि; (कररह बछर िि)खकओमन बहुंअचरज करि43 ओमन कहिि झन बतवव; अऊ ओमन कहिि ओलबर वव

Veja também