43 कहूं तोर हांथ ह तोर पाप म गिरे के कारन बनथे, त ओला काट डार। तोर बर लूलवा होके सदाकाल के जिनगी म प्रवेस करई ह बने अय, एकर बनिस्पत कि दूनों हांथ के रहत, तोला नरक के आगी म डारे जावय, जऊन ह कभू नइं बुतावय।
Publicidade
43 कहूं तोर हांथ ह तोर पाप म गिरे के कारन बनथे, त ओला काट डार। तोर बर लूलवा होके सदाकाल के जिनगी म प्रवेस करई ह बने अय, एकर बनिस्पत कि दूनों हांथ के रहत, तोला नरक के आगी म डारे जावय, जऊन ह कभू नइं बुतावय।
+581 estão orando agora.
Junte-se à corrente de oração.