26 "एकरसेति, ओमन ले झन डरव। काबरकि कुछू घलो बात ढंके नइं ए, जऊन ला उघारे नइं जाही या कुछू भी बात छिपे नइं ए, जऊन ला बताय नइं जाही। 27 जऊन बात मेंह तुमन ला अंधियार म कहत हंव, ओला तुमन अंजोर म कहव। जऊन बात, तुमन ला कान म फुसफुसाके कहे जाथे, ओला तुमन घर के छानी ऊपर ले चिचिया-चिचियाके बतावव। 28 ओमन ले झन डरव, जऊन मन सरीर ला मार डारथें, पर आतमा ला नइं मार सकंय। पर ओकर ले डरव, जऊन ह आतमा अऊ सरीर दूनों ला नरक म नास कर सकथे। 29 एक पईसा म दू ठन गौरइया चिरई बिकथे, तभो ले तुम्हर ददा परमेसर के बिगर ईछा के ओमा ले एको ठन घलो धरती ऊपर नइं गिरय। 30 अऊ त अऊ तुम्हर मुड़ के जम्मो चुंदीमन गने गे हवंय। 31 झन डरव; तुमन गौरइया चिरईमन ले जादा कीमत के अव।
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