गुपत खजाना अऊ मोती के पटंतर
44 "स्वरग के राज ह एक खेत म छिपे खजाना के सहीं अय, जऊन ला एक मनखे ह पाईस, अऊ ओह ओला फेर लुका दीस। तब ओह खुसी म गीस अऊ अपन जम्मो कुछू ला बेचके ओ खेत ला बिसा लीस।
45 "फेर, स्वरग के राज ह एक सौदागर के सहीं अय, जऊन ह सुघर मोती के खोज म रहिथे। 46 जब ओला एक ठन मंहगा मोती मिलथे, त ओह जाथे अऊ अपन जम्मो कुछू ला बेचके ओ मोती ला बिसा लेथे।