19 काबरकि खराप बिचार, हतिया, बेभिचार, छिनारीपन, चोरी, लबारी गवाही अऊ निन्दा—ये जम्मो बात हिरदय ले निकलथे,
19 काबरकि खराप बिचार, हतिया, बेभिचार, छिनारीपन, चोरी, लबारी गवाही अऊ निन्दा—ये जम्मो बात हिरदय ले निकलथे,