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मत्ती 15

32 अपन मन अपन करबलकहि, "मनखमन ऊपर तरस आथे। मन िहव, अऊ मन करबर नइेंमन खन िकरनइहथ, नइमन डहथककिसकथें।"

33 ओकर मन कहि, "अतबड़े खवबर, नसजगह हमन कहां अतो?"

34 ि, "हर करठन हवय?"

ओमन कहि, "ठन, अऊ े-मछरघलो।"

35 मनखमन इयां बईठबर कहि36 तब ओह ठन अऊ मछरमन , अऊ परमसर धनबओमन िअऊ अपन मन वत अऊ मन ओलमनखमन ां37 जमझन ईन अऊ अघओकर मन ांे-कड़ा ठन कनभरकउठईन38 जऊन मन उहां ईन, ओमईलगन अऊ लइकमन ोंे, हजआदममन िि

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