13 जब यीसू ह कैसरिया-फिलिप्पी के इलाका म आईस, त ओह अपन चेलामन ले पुछिस, "मनखेमन मनखे के बेटा ला कोन ए, कहिथें?"
16 सिमोन पतरस ह जबाब दीस, "तेंह जीयत परमेसर के बेटा—मसीह अस।"
21 ओ समय ले यीसू ह अपन चेलामन ला ये बताय लगिस, "येह जरूरी अय कि मेंह यरूसलेम जावंव अऊ यहूदीमन के अगुवा, मुखिया पुरोहित अऊ कानून के गुरूमन के हांथ ले बहुंते दुख भोगंव; अऊ मार डारे जावंव; अऊ तीसरा दिन जी उठंव।"
22 पतरस ह यीसू ला अलग ले गीस अऊ ओला ये कहिके डांटे लगिस, "परमेसर ह अइसने झन करय, परभू! तोर संग ये बात कभू झन होवय।"
23 यीसू ह पतरस कोति मुड़के कहिस, "मोर नजर ले दूर हट, सैतान! तेंह मोर रसता म एक बाधा अस। तोर मन म परमेसर के बात नइं, पर मनखेमन के बात हवय।"
24 तब यीसू ह अपन चेलामन ला कहिस, "जऊन कोनो मोर चेला बने चाहत हे, त येह जरूरी ए कि ओह अपन ईछा ला मारय, अऊ दुख उठाय बर तियार रहय अऊ तब मोर पाछू हो लेवय।
28 "मेंह तुमन ला सच कहत हंव कि कुछू झन, जऊन मन इहां ठाढ़े हवंय, तब तक नइं मरंय, जब तक कि ओमन मनखे के बेटा ला ओकर राज म आवत नइं देख लीहीं।"