स्वरग के राज म सबले बड़े कोन ए
1 ओ समय चेलामन यीसू करा आईन अऊ पुछिन, "स्वरग के राज म सबले बड़े कोन ए?"
2 यीसू ह एक छोटे लइका ला बलाईस अऊ ओला ओमन के बीच म ठाढ़ करके कहिस, 3 "मेंह तुमन ला सच कहत हंव कि जब तक तुमन नइं बदलव अऊ छोटे लइकामन सहीं नइं बनव, तब तक तुमन स्वरग के राज म जाय नइं सकव। 4 एकरसेति जऊन ह अपनआप ला ये लइका के सहीं नम्र करथे, ओह स्वरग के राज म सबले बड़े अय। 5 अऊ जऊन ह मोर नांव म अइसने छोटे लइका ला गरहन करथे, ओह मोला गरहन करथे।
6 "पर कोनो मनखे मोर ऊपर बिसवास करइया ये छोटे मन ले कोनो के पाप म गिरे के कारन बनथे, त ओकर बर बने होतिस कि ओकर घेंच म एक ठन बड़े जांता के पथरा ला बांधे जातिस अऊ ओला गहिरा समुंदर म बुड़ो दिये जातिस।
10 "देखव! तुमन ये छोटे मन ले कोनो ला घलो तुछ झन समझव। काबरकि मेंह तुमन ला कहत हंव कि येमन के दूतमन स्वरग म मोर ददा के आघू म हमेसा रहिथें।