20 तब जबदी के बेटामन के दाई ह अपन बेटामन के संग यीसू करा आईस अऊ ओकर आघू म माड़ी टेकके कुछू मांगे लगिस।
21 यीसू ह ओकर ले पुछिस, "तेंह का चाहथस?"
ओह कहिस, "तेंह हुकूम दे कि तोर राज म मोर ये दूनों बेटामन म ले एक झन तोर जेवनी कोति अऊ दूसर ह तोर डेरी कोति बईठे।"
24 जब आने दस चेलामन ये बात ला सुनिन, त ओमन ओ दूनों भाई ऊपर गुस्सा करिन। 25 यीसू ह ओमन ला एक संग अपन करा बलाईस अऊ कहिस, "तुमन जानथव कि आनजातमन के सासकमन ओमन ऊपर परभूता रखथंय अऊ ओमन के बड़े अधिकारीमन ओमन ऊपर अधिकार जताथंय। 26 तुमन के संग अइसने नइं होवय। पर जऊन ह तुमन म बड़े होय चाहथे, ओह तुम्हर सेवक बनय, 27 अऊ जऊन ह तुमन म पहिली होय चाहथे, ओह तुम्हर गुलाम बनय। 28 जइसे कि मनखे के बेटा ह अपन सेवा करवाय बर नइं आईस, पर एकर खातिर आईस कि ओह आने मन के सेवा करय अऊ बहुंत झन के छुड़ौती बर अपन परान ला देवय।"
दू झन अंधरामन आंखी पाथें
(मरकुस 10:46-52; लूका 18:35-43)