एक दाई के बिनती
26 तुमन के संग अइसने नइं होवय। पर जऊन ह तुमन म बड़े होय चाहथे, ओह तुम्हर सेवक बनय, 27 अऊ जऊन ह तुमन म पहिली होय चाहथे, ओह तुम्हर गुलाम बनय।
26 तुमन के संग अइसने नइं होवय। पर जऊन ह तुमन म बड़े होय चाहथे, ओह तुम्हर सेवक बनय, 27 अऊ जऊन ह तुमन म पहिली होय चाहथे, ओह तुम्हर गुलाम बनय।