65 तब महा पुरोहित ह अपन कपड़ा ला चीरिस अऊ कहिस, "येह परमेसर के निन्दा करे हवय। हमन ला अऊ कोनो गवाह के जरूरत नइं ए। देखव! अभीच तुमन ये निन्दा ला सुने हवव।
65 तब महा पुरोहित ह अपन कपड़ा ला चीरिस अऊ कहिस, "येह परमेसर के निन्दा करे हवय। हमन ला अऊ कोनो गवाह के जरूरत नइं ए। देखव! अभीच तुमन ये निन्दा ला सुने हवव।