19 जब पीलातुस ह नियाय आसन म बईठे रिहिस, त ओकर घरवाली ह ओकर करा ये संदेस पठोईस, "ओ धरमी मनखे संग कुछू झन कर, काबरकि मेंह आज सपना म ओकर कारन बहुंत दुख उठाय हवंव।"
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19 जब पीलातुस ह नियाय आसन म बईठे रिहिस, त ओकर घरवाली ह ओकर करा ये संदेस पठोईस, "ओ धरमी मनखे संग कुछू झन कर, काबरकि मेंह आज सपना म ओकर कारन बहुंत दुख उठाय हवंव।"