यीसू के फेर जी उठई
1 बिसराम दिन के बाद, हप्ता के पहिली दिन बड़े बिहनियां मरियम मगदलिनी अऊ दूसर मरियम कबर ला देखे बर गीन।
2 ओ समय एक भयंकर भुइंडोल होईस, काबरकि परभू के एक स्वरगदूत ह स्वरग ले उतरिस अऊ कबर करा आईस अऊ पथरा ला ढुनगाके ओकर ऊपर बईठ गीस। 3 ओकर रूप ह बिजली सहीं चमकत रहय अऊ ओकर कपड़ा ह झक पंर्रा रिहिस। 4 पहरेदारमन ओकर ले डरके थर-थर कांपे लगिन अऊ मुरदा के सहीं हो गीन।
5 स्वरगदूत ह माईलोगनमन ला कहिस, "झन डरव, काबरकि मेंह जानत हंव कि तुमन यीसू ला खोजत हव, जऊन ला कुरूस ऊपर चघाय गे रिहिस। 6 ओह इहां नइं ए; ओह जी उठे हवय, जइसने ओह कहे रिहिस। आवव अऊ ओ ठऊर ला देखव, जिहां ओला रखे गे रिहिस। 7 अब तुमन तुरते जाके ओकर चेलामन ला ये बतावव: ‘ओह मरे म ले जी उठे हवय अऊ ओह तुम्हर ले आघू गलील प्रदेस जावत हवय। उहां तुमन ओला देखहू।’ देखव! मेंह तुमन ला बता दे हंव।"
8 एकरसेति ओ माईलोगनमन जल्दी कबर ले चले गीन। ओमन डरा गे रिहिन, पर बड़े आनंद सहित चेलामन ला बताय बर दऊड़के गीन।