11 "जऊन मन अपन पाप ले पछताप करथें, मेंह ओमन ला पानी ले बतिसमा देवत हंव। पर मोर बाद, एक झन आही, जऊन ह मोर ले जादा सक्तिसाली ए। मेंह ओकर पनही ला उठाय के लईक घलो नो हंव। ओह तुमन ला पबितर आतमा अऊ आगी ले बतिसमा दीही।
13 तब यीसू ह गलील प्रदेस ले यरदन नदी करा यूहन्ना ले बतिसमा लेय बर आईस। 14 पर यूहन्ना ह ये कहिके ओला रोके के कोसिस करिस, "मोला तोर ले बतिसमा लेय के जरूरत हवय, अऊ तेंह मोर करा आय हवस?"
15 पर यीसू ह ओला ये जबाब दीस, "अभी तो अइसने होवन दे; काबरकि जम्मो धरमीपन ला पूरा करे बर अइसने करई, हमर बर उचित ए।" तब यूहन्ना ह यीसू के बात ला मान लीस।
16 बतिसमा लेय के बाद यीसू ह तुरते पानी ले बाहिर निकलिस। ओहीच समय अकास ह खुल गीस, अऊ ओह परमेसर के आतमा ला पंड़की के सहीं अपन ऊपर उतरत देखिस। 17 अऊ अकास ले ये अवाज आईस, "येह मोर मयारू बेटा अय, जेकर ले मेंह बहुंत खुस हवंव।"