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मत्ती 5

अऊ

13 "मन धरतअवपर कहूं अपन े, िसम नचनइकरसकयनइरह वयिफटििअऊ मनखमन तररऊे।

14 "मन अवपहऊपर बससहर िनइरह सकय15 अऊ मनखमन रकबड़े कटरखथें, पर वट ऊपर मढ़ाें, िां घर हर एक जन े। 16 ओहिसम े, हर मनखमन आघचमकय, ि ओमन हर बनअऊ वरग रहइयहर ददबडकर

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