16 "जब तमन उपस करथव, त तमन अपन चहर ल उदस झन बनवव, जइसन क ढगमन करथ; ओमन अपन चहर ल ओरमय रहथ, तक मनखमन दखय क ओमन उपस करत हवय। मह तमन ल सच कहत हव क ओमन अपन जमम ईनम प चकन। 17 पर जब तमन उपस करथव, त अपन मड म तल चपरव अऊ मह ल धवव, 18 तक मनखमन य झन जनय क तमन उपस करत हवव, पर सरप तमहर दद परमसर ह जनय, जऊन ह नइ दखय। अऊ तमहर दद, जऊन ह हर गपत क कम ल दखथ, तमन ल ईनम दह।
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