26 अकास के चिरईमन ला देखव; ओमन न कुछू बोवंय, न लुवंय अऊ न कोठार म जमा करंय; तभो ले तुम्हर स्वरगीय ददा ह ओमन ला खवाथे। का तुमन चिरईमन ले जादा महत्व के नो हव? 27 तुमन म ले कोन ह चिंता करे के दुवारा अपन जिनगी के एको घरी ला घलो बढ़ा सकथे?
28 "तुमन ओनहा बर काबर चिंता करथव? खेत के जंगली फूलमन ला देखव कि ओमन कइसने बाढ़थें। ओमन न तो मेहनत करंय अऊ न ही ओनहा बिनंय। 29 तभो ले मेंह तुमन ला बतावत हंव कि राजा सुलेमान घलो अपन जम्मो सोभा म येमन ले एको झन सहीं नइं सजे-धजे रिहिस। 30 यदि परमेसर ह भुइयां के कांदी ला, जऊन ह आज इहां हवय अऊ कल आगी म झोंक दिये जाही, अइसने ओनहा पहिराथे, त हे अल्प बिसवासीमन ओह तुमन ला अऊ बने ओनहा काबर नइं पहिराही?