सच्चा अऊ लबरा चेला
21 "जऊन मन मोला, ‘हे परभू! हे परभू!’ कहिथें, ओमन म ले जम्मो झन स्वरग के राज म नइं जा सकंय, पर जऊन ह स्वरग म रहइया मोर ददा के ईछा ला पूरा करथे, सिरिप ओहीच ह स्वरग के राज म जाही। 22 नियाय के दिन म कतको मनखेमन मोला कहिहीं, ‘हे परभू! हे परभू! का हमन तोर नांव म अगमबानी नइं करेंन? का हमन तोर नांव म परेत आतमामन ला नइं निकालेंन? अऊ तोर नांव म कतको अचरज के काम नइं करेंन?’ 23 तब मेंह ओमन ला साफ-साफ बता दूहूं, ‘मेंह तुमन ला कभू नइं जानेंव। हे कुकरमीमन हो, मोर ले दूरिहा हटव।’
घर बनइया दू झन मनखे: बुद्धिमान अऊ मुरूख
(लूका 6:47-49)