15 दख, उह पहडमन ऊपर,
ओकर गडमन ल दख, जऊन ह सघर सदस लथ,
जऊन ह सत क घसन करथ!
ह यहद, अपन तहरमन ल मन,
अऊ अपन मननतमन ल पर कर।
कबरक दसट मनखमन अब तर ऊपर हमल नइ करय;
ओमन ल पर नस कर जह।) ला 2:1 गने गे हवय
15 दख, उह पहडमन ऊपर,
ओकर गडमन ल दख, जऊन ह सघर सदस लथ,
जऊन ह सत क घसन करथ!
ह यहद, अपन तहरमन ल मन,
अऊ अपन मननतमन ल पर कर।
कबरक दसट मनखमन अब तर ऊपर हमल नइ करय;
ओमन ल पर नस कर जह।) ला 2:1 गने गे हवय