11 तब मूसा ह यहोवा ले पुछिस, "तेंह अपन सेवक ऊपर ये समस्या काबर लाने हस? मेंह अइसने का काम करके तोला दुखी करेंव कि ये जम्मो मनखेमन के बोझ मोर ऊपर डाल दे हस? 12 का ये जम्मो मनखेमन मोर गरभ म रिहिन? का येमन ला में जनमांय? तेंह मोला काबर कहिथस कि जइसने एक धाई ह छोटे लइका ला अपन कोरा म पाके चलथे, वइसने येमन ला ओ देस म लेके जा, जेला देय के वायदा तेंह येमन के पुरखामन ले कसम खाके करे रहय? 13 मेंह ये जम्मो झन बर मांस कहां ले लानंव? येमन लगातार रो-रोके मांगत रहिथें, ‘हमन ला खाय बर मांस दे!’ 14 मेंह एके झन ये जम्मो मनखेमन के भार नइं उठा सकंव; येह मोर बर भारी हे। 15 यदि ये किसम ले तोला मोर संग बरताव करना हे, त आघू बढ़ अऊ मोला मार डार—यदि तोर दया के नजर मोर ऊपर हवय, त मोला अपन खुद के दुरदसा ला झन देखा।"
16 यहोवा ह मूसा ला कहिस: "मोर करा इसरायल के सत्तर अइसने अगुवामन ला लान, जेमन ला तेंह मनखेमन के अगुवा अऊ अधिकारी के रूप म जानथस। ओमन ला मिलापवाला तम्बू करा ले आ कि ओमन उहां तोर संग ठाढ़ होवंय। 17 तब मेंह खाल्हे उतरके उहां तोर ले गोठियाहूं, अऊ जऊन आतमा के सक्ति तोर म हवय, ओमा ले कुछू सक्ति लेके मेंह ओमन म डार दूहूं। ओमन तोर संग मिलके मनखेमन के ये बोझा ला उठाहीं, ताकि तोला एके झन येला उठाना झन पड़य।