20 जब ल ससर क सरसट हईस, तब ल परमसर क अनदख गन, ओकर सनतन सकत अऊ ईसवरय सभव ल सफ-सफ दख ग हवय अऊ ओकर बनय चजमन क दवर यल समझ जवत हवय। एकरसत मनखमन कर कन बहन नइ ए।
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20 जब ल ससर क सरसट हईस, तब ल परमसर क अनदख गन, ओकर सनतन सकत अऊ ईसवरय सभव ल सफ-सफ दख ग हवय अऊ ओकर बनय चजमन क दवर यल समझ जवत हवय। एकरसत मनखमन कर कन बहन नइ ए।