32 काबरकि परमेसर ह जम्मो मनखेमन ला हुकूम नइं माने के पाप म बांधके रखे हवय ताकि ओह जम्मो झन के ऊपर दया देखावय।
परमेसर के इस्तुति
33 अहा! परमेसर के बुद्धि अऊ गियान के धन के गहरई ह कतेक अथाह अय!
ओकर सहीं नियाय कोनो नइं कर सकंय,
अऊ ओकर काम करे के तरीका ला कोनो नइं जान सकंय!
34 "परभू के मन ला कोन ह जाने हवय?
अऊ कोनो ओला सलाह देय के लईक नो हंय।"11:34 यसा 40:13
35 "कोन ह आज तक परमेसर ला कभू कुछू दे हवय
कि परमेसर ह ओला वापिस देवय?"11:35 अयू 41:11
36 काबरकि जम्मो चीज ह परमेसर ले आय हवय,
अऊ ओकर दुवारा बनाय गे हवय अऊ ओकर खातिर बनाय गे हवय।
ओकर महिमा सदाकाल तक होवत रहय! आमीन।