6 परमेसर ह हर एक मनखे ला ओकर काम के मुताबिक फर दीही।2:6 भजन 62:12; नीति 24:12 7 जऊन मन धीरज धरके बने काम करथें अऊ महिमा, आदर अऊ अमरता के खोज म रहिथें, ओमन ला ओह सदाकाल के जिनगी दीही। 8 पर जऊन मन सुवारथी अंय अऊ सच्चई ला नइं मानंय, पर बुरई के पाछू चलथें, ओमन ऊपर परमेसर के कोप अऊ कोरोध ह भड़कही। 9 हर एक मनखे जऊन ह खराप काम करथे, ओकर ऊपर दुख अऊ बिपत्ति आही: पहिली यहूदी, तब फेर आनजात ऊपर; 10 पर जऊन ह भलई के काम करथे, ओला महिमा, आदर अऊ सांति मिलही: पहिली यहूदी ला, तब फेर आनजात ला। 11 काबरकि परमेसर ह काकरो पखियपात नइं करय।