सांति अऊ आनंद
1 एकरसेति, जब हमन बिसवास के दुवारा सही ठहिराय गे हवन, त हमर अपन परभू यीसू मसीह के जरिये परमेसर के संग सांति हवय। 2 मसीह के जरिये बिसवास के दुवारा हमन ये अनुग्रह ला पाय हवन, जऊन म हमन अब रहिथन। अऊ हमन ये आसा म आनंद मनाथन कि हमन परमेसर के महिमा के भागी होबो। 3 सिरिप एही भर नइं, पर हमन दुख-पीरा म घलो आनंद मनाथन, काबरकि हमन जानथन कि दुख-पीरा ले सहनसीलता, 4 सहनसीलता ले बने चालचलन अऊ बने चालचलन ले आसा पईदा होथे। 5 अऊ आसा ह हमन ला निरास नइं करय, काबरकि परमेसर ह हमन ला पबितर आतमा दे हवय, अऊ ये पबितर आतमा के जरिये ओह अपन मया ला हमर हिरदय म डारे हवय।