3 सिरिप एही भर नइं, पर हमन दुख-पीरा म घलो आनंद मनाथन, काबरकि हमन जानथन कि दुख-पीरा ले सहनसीलता, 4 सहनसीलता ले बने चालचलन अऊ बने चालचलन ले आसा पईदा होथे।
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3 सिरिप एही भर नइं, पर हमन दुख-पीरा म घलो आनंद मनाथन, काबरकि हमन जानथन कि दुख-पीरा ले सहनसीलता, 4 सहनसीलता ले बने चालचलन अऊ बने चालचलन ले आसा पईदा होथे।