1 एकरसत, अब जऊन मन मसह यस क अय, ओमन बर दड क हकम नइ हवय। 2 कबरक, जनग दवइय पबतर आतम क कनन ह मसह यस क दवर मल, पप अऊ मरत क कनन ल सततर कर द हवय। 3 कबरक जऊन बत ल मस क कनन ह हमर पप सभव क करन कमजर हक नइ कर सकस; ओ बत ल परमसर ह अपन खद क बट ल पठक करस, जऊन ह पप मनख क रप म ससर म आईस अऊ अपनआप ल हमर खतर पप बल क रप म चघईस। अऊ य कसम ल परमसर ह पप मनख म पप ल सज दस, 4 तक मस क कनन क धरमपन क मग ह हमन म पर हवय, जऊन मन पप सभव क मतबक नइ, पर पबतर आतम क मतबक जनग बतथन।
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