37 य जमम चज म, हमन मसह यस क जरय बजय हथन, जऊन ह हमर ल मय करस। 38 कबरक मल पर भरस हवय क न त मरत, न जनग, न सवरगदतमन, न परत आतममन, न त बरतमन न भवसय, न कन सकत, 39 न त ऊचई न गहरई अऊ न जमम सरसट म कन आन चज हमन ल परमसर क मय ल अलग कर सकथ, जऊन ह हमर परभ मसह यस म हवय।