रूत अऊ बोअज कोठार म
1 एक दिन रूत के सास नाओमी ह ओला कहिस, "हे मोर बेटी, मोला तोर घर बसाय के परबंध करना जरूरी ए, जिहां तोर बने देखरेख हो सकय। 4 जब ओह सुतही, तब तें ओकर सुते के जगह ला देख लेबे। तब उहां जाके ओकर गोड़ ढांपे के ओढ़ना ला उघार देबे अऊ उहां पसर जाबे। तब ओह तोला बताही कि तोला का करना हे।"
9 ओह पुछिस, "तेंह कोन अस?"
तब ओह जबाब दीस, "मेंह तोर सेविका रूत अंव; तेंह अपन ओढ़ना के छोर ला मोर ऊपर ओढ़ा दे, काबरकि तेंह हमर परिवार के भुइयां छुड़इया3:9 देखव लैव्य 25:25-55 अस।"
10 बोअज ह कहिस, "हे मोर बेटी, यहोवा तोला आसीस देवय; ये दया ह तोर पहिली के देखाय दया ले अऊ जादा बने अय: तेंह कोनो जवान के पाछू नइं गे, चाहे धनी होवय या गरीब। 11 एकरसेति अब, हे मोर बेटी, तेंह झन डर। जऊन कुछू तेंह कहिबे, मेंह तोर बर करहूं। मोर नगर के जम्मो मनखेमन ये बात ला जानत हें कि तेंह बने चालचलन के माईलोगन अस। 12 हालाकि ये बात ह सच अय कि मेंह हमर कुटुम्ब के एक छुड़इया अंव, तभो ले एक झन अऊ मनखे हवय, जऊन ह मोर ले अऊ नजदीकी रिस्तेदार अय। 13 तेंह रथिया भर इहां ठहर, अऊ बिहनियां यदि ओह तोला छुड़ाय के जिम्मेदारी ला पूरा करे चाहथे, त ठीक अय; ओह तोला छुड़ाय। पर यदि ओह तोर छुड़ाय के जिम्मेदारी ला पूरा नइं करे चाहय, त यहोवा के जिनगी के कसम, मेंह ये काम ला करहूं। बिहान के होवत तक तें इहां लेटे रह।"
15 ओह ये घलो कहिस, "जऊन ओढ़ना ला तेंह ओढ़े हवस, ओला फईलाके धर।" जब रूत ह ओढ़ना ला फईलाके धरिस, त बोअज ह छै नपुआ3:15 लगभग 24 किलोग्राम जौ ओमा डाल दीस अऊ ओ गठरी ला रूत ला बोहा दीस। तब बोअज ह नगर म चल दीस।