आत्मिक बरदान
1 ऐबै भाईओ, ज़ुंण तम्हैं मुखा आत्मिक बरदाने बारै सुआल पुछ़अ त, हुंह च़ाहा इहअ कि तम्हां लोल़ी तेते बारै राम्बल़ै करै थोघ लागअ। 2 तम्हां का आसा थोघ कि विश्वासा दी एछणैं का आजी तम्हैं केही ज़िन्दगी ज़िऊआ तै, तधू करा तै तम्हैं बी तिन्नां कांणी अर टौणीं मुहुर्ती सेटा तिहअ ई ज़िहअ तम्हां लै होर करना लै बोला तै।12:2 गल. 4:8
3 तै च़ाहा हुंह कि तम्हां का लोल़ी थोघ लागअ कि ज़ुंण परमेशरे आत्में साबै बोला, सह निं इहअ बोल्दअ, "ईशू आसा फिटक लागअ द" अर नां पबित्र आत्मां बाझ़ी कुंण इहअ बोली सकदअ, "ईशू आसा प्रभू।"
4 आत्मिक बरदान, आसा कई रंगे, पर पबित्र आत्मां आसा एक्कै सोभिओ मूल़। 5 काम बी आसा कई रंगे ज़ुंण हाम्हैं प्रभू लै करा अर हाम्हैं करा एकी ई प्रभूए च़ाकरी। 6 परमेशर दैआ हाम्हां मांझ़ै हरेकी लै होरी-होरी रंगे काम करना लै, पर सह परमेशर आसा एक्कै ई ज़ुंण हाम्हां सोभी बाती काम करा।
7 परमेशरै आसा हाम्हां सोभी लै किज़ै नां किज़ै गूण सह रहैऊआ हाम्हां का कि पबित्र आत्मां आसा हाम्हां संघै ताकि हाम्हैं आपणैं साथी विश्वासी भाईए मज़त करी सके।