15 तम्हां का आसा थोघ कि थारी देही आसा मसीहे आंग। तै हुंह तेऊ आंगा ज़ुंण मसीहो आसा तेता कै हुंह कंज़री बेटल़ी संघै करूं साझ़ू? इहअ निं हई सकदअ!
16 अह आसा पबित्र शास्त्रा दी लिखअ द, "तिंयां दूई हणैं एक देही।" तम्हां का लोल़ी ऐहा गल्लो थोघ हुअ कि ज़ुंण कंज़री बेटल़ी संघै साझ़ू हआ सह हआ तैहा संघै एक देही।6:16 मार्क. 10:8
17 ज़ुंण प्रभू संघै साझ़ डाहा तेऊए आत्मां अर प्रभूए आत्मां हआ एक।