झ़ुठै गूरू
3 मेरै पैरै साथीओ, हुंह आसा तम्हां लै तैहा नऊंईं ज़िन्दगीए बारै लिखणे कोशिश करदअ लागअ द ज़ेथ हाम्हैं सोभै साझ़ू आसा अर ज़ुंण मसीहा ईशू बाती एछा। पर एभै च़ेतअ मंऐं इहअ कि हुंह दैंऊं तम्हां लै ऐहा च़िठी करै हैअ। हुंह करा तम्हां का अरज़ कि तम्हैं करा आपणैं विश्वासे फाज़त। परमेशरै आसा अह विश्वास एकी ई बारी अर आपणैं सोभी लोगा लै दैनअ द ज़ुंण कधि निं बदल़दअ।