आजू लै आशा
1 हुंह आसा सह मणछ ज़ुंणी बिधाते कोप ज़िरअ अर सज़ा भुगती।
2 परमेशरै दरल़ाऊअ हुंह दूर घणैं अर नटिप्प न्हैरै जैंदरा लै।
3 सह हुअ मुखा बाख दूर अर तेऊ डाही मुल्है कबल्ली आफ़त पाई।
4 तेऊ दहई-प्लुशी मेरी सारी देही अर मेरै हाडकै पाऐ चोल़ी।
5 तेऊ गोटअ हुंह फेरा-फेर अर तेऊ डाही मुल्है घोर आफ़त पाई
अर तेऊ किई मुल्है हर गल्ला कठण।
6 तेऊ डाहअ हुंह मुल्दै ज़िहअ न्हैरै दी बशैल़ी
ज़िहअ कि हुंह आसा होए खास्सी साला पैहलै मरी गअ द!
7 तेऊ डाहअ हुंह शांघल़ी करै बान्हीं अर फेरा का गोटी,
हुंह निं तेता का छ़ुटी ई सकदअ।
8 मंऐं मांगी ज़ोरै-ज़ोरै हाक्का लाई मज़त,
पर बिधाता निं मेरी अरज़ शूणीं ई,
9 ज़हा बाता बी हुंह फिरा, तेथ आसा तेऊ
बडी-बडी टोल्हा करै बाल़ डाहै दै अर तेता निं हुंह लंघी सकदअ।