आत्मिक बरदाना करै परमेशरे च़ाकरी
3 किल्हैकि मुंह परमेशरा का ज़ुंण जश आसा भेटअ द, हुंह बोला तेता पिछ़ू तम्हां सोभी लै इहअ कि ज़िहअ समझ़अ लोल़ी तेता का ज़ादै निं तम्हैं आप्पू समझ़ी। पर ज़िहअ परमेशर थारै विश्वासे साबै बांडी आसा दैनअ द तम्हैं समझ़ा आप्पू तेते साबै।