भगवान नी आत्मा अने वीटळ्ळी आत्मा
1 ए मोंगाळ्ळा भायु, आखी आत्मा पोर भरहो ना करो: पण आखी आत्मा ने पारखो, के तीहयी भगवान ने तां गेथी से के नी हय; काहाके ढेरेत झुटा भगवान वगे गेथी वात केण्या माणहु कळी मे नीकळ पड़ला से। 2 भगवान नी आत्मा तमु आहयी रीते ओळख सकत्ला, के जे कोय आत्मा मान लेय, के ईसु मसी डील मे हय्न आवलो से तीहयी भगवान ने तां गेथी से। 3 अने जे कोय आत्मा ईसु ने नी माने, तीहयी भगवान ने तां गेथी नी हय; अने तीहयीत ते मसी ना वीरोद नी आत्मा से; जीना बारा मे तमु ह़मळी र्या, के तीहयो आव्वा वाळो से: अने हमणे बी आहयी कळी मे से।
4 ए सोरा, तमु भगवान ना से: अने तमु तीनी पोर जीक जेला से; काहाके जे तमारी मे से तीहयु तीनी सी जे कळी मे से, मोटो से।