18 ता ह़ु हय ज्यु? नीस्तु आहयु, के आखी भाती सी भले बोनु सी, भले सच्चाय सी, मसी नो बोल ह़मळाय र्या, अने मे आनी सी घणो खुस से, अने अळी घणो खुस रेही बी। 19 काहाके मे जाणु के तमारी वीन्ती ना लारे, अने ईसु मसी नी आत्मा नी लारे, आनो फोळ सी, मारो छुटकारो हयहे।
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