27 काहाके सास्तर मे लीखलु से,
ए वांज्याण, तु जे नी जणती, खुसी हय;
तु जे जीने वेणा नी छुटे, गळु फाड़ीन बड़ाय कर,
काहाके छुट्ली बयर नी अवल्यात,
धणी वाळी बयर नी अवल्यात गेथी जादा से।
28 ए भायु अने बेन्या, आमु ईसाक नी तेम वायदा नी अवल्यात से। 29 अने जीसम तीहयी टेमे डील ना अनसारे पयदा हयो, आत्मा ना अनसारे पयदा हयो तीने वेला पाड़तो हतो, तेमेत हाव बी हये।