38 अळतेण ईसु तीमने केदो, "मारो मन घण-जबर दुखी से, अने मारो जीव नीकळवा हींडे; तमु आञे रेवो, अने मारी ह़ाते चेतीन रीन जागला रेवो।"
39 ईसु थोड़ोक अगो जाय्न अळतेण तीहयो धरती पोर ढुंगो वळीन वीन्ती कर्यो, "ए मारा बाह! कदीम तारी मरजी हय, ता आहयो दुख नो पीयालो टाळ दे। ते बी मारी नी पण तारीत मरजी पुरी हये।"