22 वसोच परकार लक तुम्हिला अबा सोक से पर मि तुमी लक मँग मिलहु अना तुमरो मन खुसहाली लक भर जाहे। अना तुमरो खुसहाली कोनी तुम लक नही हिसक सकेत।"
22 वसोच परकार लक तुम्हिला अबा सोक से पर मि तुमी लक मँग मिलहु अना तुमरो मन खुसहाली लक भर जाहे। अना तुमरो खुसहाली कोनी तुम लक नही हिसक सकेत।"