38 जोन कोनी बिस्वासी होयके मोरो मा लक पिहे, पवितर गिरंथ मा असो लिख्यो से, ‘ओको भितर लक जिंदगी को पानी को झरना7:38धारा बोह जाहेत।’"
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38 जोन कोनी बिस्वासी होयके मोरो मा लक पिहे, पवितर गिरंथ मा असो लिख्यो से, ‘ओको भितर लक जिंदगी को पानी को झरना7:38धारा बोह जाहेत।’"
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