9 जोन लोकगीन को भीड़ पुढा-पुढा जावत अना मंघा-मंघा चली आवत होती। अना जोरलक कव्हत होती, "दाऊद को सन्तान की बड़ाई होय! धन्य से उ जो पिरभु को नाव लक आवासे, वरता बादल मा बड़ाई होय!"
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9 जोन लोकगीन को भीड़ पुढा-पुढा जावत अना मंघा-मंघा चली आवत होती। अना जोरलक कव्हत होती, "दाऊद को सन्तान की बड़ाई होय! धन्य से उ जो पिरभु को नाव लक आवासे, वरता बादल मा बड़ाई होय!"