24 "हे गुरू, मोसे गुरुजी ना कव्हयो होतिस, का अदी कोनी मानूस बंझला मर जाहेत, ता ओको भाऊ ओकी बायको लक बिहा करके, ना आपरो भाऊ को नाव लक लेकरा पैदा कर सकासे।
30 काहे की मरयो हुयो मा लक जित्तो होवनो पर वय न ता बिहा करयेत अना न ता बिहा मा दियो जाहेत, पर सरग मा सरगदूत जसो रहेत।