23 "कपटी मोसे को नियम को गुरू अना फरिसी गीन धिक्कार से तुमला तुमी पुदिना, सौप अना जीरा को दसमांस ता देवासेव, पर धरम बेवस्था की सही गोस्टी न्याय, अना दया अखीन बिस्वास ला छोड़ सो। भलो होतो स्वता तुमी असो सिक्सा को पालन करतत अना सबला असोच सिक्सा देवतत। 24 अरे अँधरा लगंडा तुमी मुगंसा ला ता छनाय डाकसेत, पर ऊट घीटक जासेत।"
Publicidade