धन्यवचन3 "✝5:3 यसायाह 66:2; भजनसंहिता 40:17 धन्य सेत वय, जो मन को गरीब*5:3दीन सेत। काहे का सरग को राज उनको सेत।"
धन्यवचन3 "✝5:3 यसायाह 66:2; भजनसंहिता 40:17 धन्य सेत वय, जो मन को गरीब*5:3दीन सेत। काहे का सरग को राज उनको सेत।"