परमेस्वर को स्तुती
33 आहा! परमेस्वर को धन अना अक्ल अना गियान कितरो गंभीर सेत! वोको बिचार कसो अथाह अना
वोको रस्ता ला कोनी नही जान सकासेस।
33 आहा! परमेस्वर को धन अना अक्ल अना गियान कितरो गंभीर सेत! वोको बिचार कसो अथाह अना
वोको रस्ता ला कोनी नही जान सकासेस।