19 परमेस्वर को सबच रचना, परमेस्वर को लेकरा गिनको जलम होवन को रस्ता लगत आस लक चोवअ सेत। 20 यो दुनिया को सबच रचना बेआस होतो, यो जगत आपरो मरजी लक बेआस नहि होतो, तरी असो बनावन वारो को मरजी होतो। 21 मंग अबा भी आस होतो। का दुनिया आपरो गुलामी लक अजाद होवके, परमेस्वर लेकरा गिनको संग गौरव को संग हिस्सादारी करयेत। 22 अमीला मालुम सेत, का अज लका पूरो रचना दुख अना दरद लक कुन्हाय रव्हयो सेत। 23 पर अकेलो दुनिया को रचना च नही कुन्हावअ सेत। मंग परमेस्वर को भेटयो लका एक आतमा भी सेत। वा भी आपरो भितर ढुकअ सेत, काहेका अमी यो काजी परमेस्वर को रस्ता चोवा सेजन। का वो अमिला आपरो लेकरा बनाय के आमरो पुरो जिंदगी को सूटकारा कर देवे। 24 अमी बचायो गयो सेत यो गोस्टी को आमरो मनमा आस सेत। तरी अमी जोन गोस्टी को उमेंद करा सेजन। वोला अमी आपरो डोरा लक चोवासेजन, ता आमरो आस पुरो भयी जासेत। जोन चोवअ सेत, वा अबा आस नाहती। 25 परअ अबा आमरो आस कियो गयो चीज अमीला नही चोवा सेत। मजे अबा धिरज को संग रस्ता चोवनो बाकी सेत।
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