8 आखरी मैं, तुम सबन को दिमाक एक होनो चाहिए एक-दूसरे से सहानुभूति रखाबौ। एक-दुसरे से भईय्या-बहेनिया के जैसी प्रेम करौ। भोलेपन से पेस आबौ और नम्र बनौ।
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8 आखरी मैं, तुम सबन को दिमाक एक होनो चाहिए एक-दूसरे से सहानुभूति रखाबौ। एक-दुसरे से भईय्या-बहेनिया के जैसी प्रेम करौ। भोलेपन से पेस आबौ और नम्र बनौ।