झूठे सिक्छक
1 काहैकि लोगन के बीच झूठे भविस्यवक्ता उठ आए हैं जैसो कि अतीत मैं बताओ गौ रहै, और बहे तराहनी तुमरे बीच मैं झूठे उपदेसक दिखाई देंगे। बे विनासकारी, और गलत सिद्धांत कै लांगे, और बौ प्रभु कै जो उन्हैं मोल लई है इंकार करंगे, और जहेमारे बे खुदकै अनकाचीति बिनास मैं लांगे। 2 फिर भी, भौत से लोग उनके अनैतिक रस्ता के ऊपर चलंगे; और जोभी बे जो करथैं, उनके बजह दुसरे लोग सच्चाई के रस्ता की बुराई करंगे। 3 और लालच मैं जे झूठे गुरुजी तुमकै झूठ-मूठ की कहानियाँ बतायकै तुमसे फायदा उठांगे। भौत दिन से उनको न्याई मरगौ है, और उनको बिनास करन बारो पूरी तरह से जग्गौ है!
18 बे घमंड और पागलन हानी बयान देथैं, और लुचपन जैसी चाल-चलन के जरिया बे लोगन कै सरीर की अभिलासा मैं फसाए लेथैं जो गलत लोगन की संगती से छुटकै निकर आए हैं। 19 जे उनकै आजाद करन को वादा देथैं जबकी खुद बिनास कारी आदतन के दास हैं, काहैकि इंसान जोसे हार जाथै, बहे को दास बन जाथै।