थिस्सलुनीके सहर मैं
1 पौलुस और सीलास अम्फिपुलिस और अपुल्लोनिया से होत भै थिस्सलुनीके मैं आए, जितै यहूदियन को एक सभाघर रहै। 2 पौलुस साधारँड़ चाल-चलन के जरिया उनके झोने गौ, और हूँना तीन साबत दिन के दौरान आदमिन से सास्त्र की बातचीत करी। 3 और उनकै सास्त्र से फोड़-फोड़कै मतलब समझात रहै, और साबित करी कि "मसीह को दुख उठानो, और मरे भै मैं से जिंदो होनो जरूरी रहै," पौलुस कही, "जहे ईसु की जोकी मैं बात सुनाथौं, मसीह है।" 4 उनमैं से कुछ यहूदिन कै राजी कर लौ गौ, और भक्त यूनानिन मैं से निरे और निरी सारी बईंय्यरैं परमेस्वर कै अपनाईं, और पौलुस और सीलास के संग सामिल हुईगै और परमेस्वर की आराधना करीं।