Publicidade

Atos 2

पविआतउतरन

1 जब ििआओ सबिएक जघे। 2 अनकि आसमबड़ा तगड़ी सनसनहट अबनन ैं आई, और घर जहाँ रहैं, झनपड़ो। 3 िीं ि आगिरइ गई और ुँसबआदमलई4 और सब पविआतभर ै, और पविआतउनकलन मरदई, और अलग-अलग लन लगे।

5 यरसलैं रहन यहि रहैं, ििहर आए रहैं। 6 जब गलीं बड़ा इखटगईसबउतिरहैं, ि सबििअपनैं करत भइ ीं। 7 सब चकऔर अचमईककहीं, "तरहन कर ैं गलैं! 8 िै, हममैं हर एक अपनी-अपनजलमत नथैं? 9 हम रथी, और ी, एलैं; िा, यहिऔर कपपदिे; और आसिे, 10 िऔर िे, िऔर इरिइले। हममैं ैं, 11 और ों यहि धरैं बदल ै, और हममैं और अरब ैं, िहम सबउनकअपनी-अपनाँसडैं महजन ैं लत े, परमवर करै!" 12 और सब चकिऔर डरएक सरकहलगे, "मतलब ै?"

13 िसरिियन मजउड़ाकहीं, "नसैं ैं!"

पतरस ाँसड

14 पतरस सररह ितन ़ो और कहो: "यहिऔर सब यरसलैं रहथौ, और बति मतलब ै। 15 आदमनसैं ैं समझ ौ; आदमनसैं ैं, ि हबें बजैं। 16 अला, ै, एल भवियवककहरहै:

17 परमवर कहथै: बहैं आखरिनन ैं करो,

ि ैं अपनआतसब नन ैं अखनांो।

मऱा और ़िभवियवाँ़ी करे;

मरनन दरसन िेंे,

और मरबड़े-़े सपने।

18 ाँ, वकन ैं, ींतक ि और बईयरैं ों ैं,

ैं िनन ैं अपनआतबहिो,

और ऐलकरे।

19 ैं ऊपर आसमैं िचमतकरो,

और तरधरतैं िचमतकरो।

, आगऔर घनों ो;

20 रज िो,

और

रभमहऔर रवसिआन पहल

21 और िौंमदत ीं रभबचो।’"

22 "इसएलिौ! सबदन ौ, सरत ईसएक ऐसरहईसवरअधिमकसबमरऔर िचमतरन सपतरिौ, परमवर जरिकररहै, नथौ, ि ींमरऐसरहै। 23 अपनजनअनपरमवर पहलिैं कर लई रहईसमकौंो; और ियन ैं चढ़ायके। 24 पर परमवर उठ, अपनसकि आजकरी, ि िरहि बनरखै। 25 ऊद ैं कहथै,

ैं रभहमअपनअगखत रहथौं;

ै, और ैं परो।

26 और इसलैं मन ैं भरगौ,

और बचन भरैं

और ि ैं िौं,

आसैं िमत दई ी,

27 ि नरक तर ़ैे;

अपनवफसडे।

28 ैं िंदगरहबतै।

और दगभर ी।’"

29 "ौ, मसहमररसिबड़े-़े ऊद ैं सपतरकरनिमर और दफनौ, और कबर आज हमरै। 30 एक भवियवकरहै, और नत रहि परमवर कररहै: परमवर एक रतिदई रहि ऊद ैं एक िंसन ैं ो, ि ऊद रहै। 31 ऊद ि आनबसमय ैं परमवर करन एरै, और तभई जब मसनरैं करी, कही,

नरक ैं ़ो रहै;

सरकबर ैं सडरहै।’

32 जहईसपरमवर उठै, और हम सबगभैं। 33 परमवर, दऊवदहनाँउठै, और पविआतलई ै, कररहै। अब और नरौ, उपहहमरऊपर ै। 34 ि ऊद रहवरैं रहै; बलिअपनआप बतै।

रभरभकही:

दहन

35 जबलि ैं मन ाँतरटलकर िौं।’"

36 "इसएल सब, ििकरन ीं नथैं ि ईसु, ैं चढ़ारहबहपरमवर रभऔर मसबनै!"

37 जब ीं, परऔर पतरस और सरितन कहीं, "हम करभईयौ?"

38 पतरस उनसकही, "पछतऔर सब अपनपन ीं ईसमसबपतिौ, पविआते। 39 ि और मरे-बचचन ीं परमवर कररहै, और सब ैं, िनकहमररभऔर परमवर ै।"

40 पतरस ितन उनकगभबतसमझ"ि दकहठिबचइयो!" 41 उनमैं तमउनकमन नत रहैं और बपतिरहैं, और िसमैं लमसम हजगन ़ा रहै। बचन अपनबपति42 ितन िीं, और गतरखन ीं, (रभ) और थनकरन ैं मगन रहैं।

िियन िंदग

43 ितन जरिििचमतरहैं, और मन ैं डर ठगरहै। 44 सबिकरगतैं ग-सचलत रहैं और एक सरअपनकरीं। 45 अपनी-अपनधन-दलत और समेंच-बचकजररत रहरहैं। 46 और हर िएक मन ईकिैं एक समैं िे, और अपनघरन ैं एक और िनममन ं, 47 परमवर बड़ाँकरनो, और सबगन ऊपर दयइचरखनो। और िनकबचरहहर िरभअपनुंैं िरहै।

Veja também

Publicidade
Bíblia Online Bíblia Online

Bíblia Online • Versão: 2026-06-29_22-07-56-