42 बे प्रेरितन की सिक्छा पान ताहीं, और संगती रखन ताहीं, रोटी तोड़न (प्रभु भोज) और प्रार्थना करन मैं मगन रहैं।
42 बे प्रेरितन की सिक्छा पान ताहीं, और संगती रखन ताहीं, रोटी तोड़न (प्रभु भोज) और प्रार्थना करन मैं मगन रहैं।